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लूव्र संग्रहालय में करोड़ों की चोरी। इमेज सोर्स- सोशल मीडिया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पेरिस की लूव्र म्यूजियम में रविवार को हुई डकैती को लेकर अब तक पुलिस को कोई बड़ा सुराग नहीं मिला है। पेरिस के अभियोजक लॉर बेक्कुओ के अनुसार चोरी हुए गहनों की कीमत करीब 895 करोड़ रुपए है। चोरी हुए सामान में एक शाही नीलम का हार, शाही पन्ने का हार-इयररिंग्स और नेपोलियन III की पत्नी का एक ताज भी शामिल है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
लूव्र संग्रहालय में करोड़ों की चोरी
बेक्कुओ ने कहा कि अगर चोर इन गहनों को पिघला कर वापस बेचने की कोशिश करेंगे तो ऐसे में उन्हें बड़ी रकम मिलना मुश्किल है। बेक्कुओ ने ये भी कहा, \“\“अगर वे गहनों को ब्लैक मार्केट में बेचते हैं तो उन्हें मोटा मुनाफा मिल सकता है।\“\“ उधर, फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट न्यूनेज, संस्कृति मंत्री राशिदा दाती और न्याय मंत्री जेराल्ड डामनिन ने इस चोरी के सिलसिले में म्यूजियम में बैठक की।
बैठक में डार्मनिन ने कहा कि घटना के दौरान म्यूजियम में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। डकैती के समय अलार्म बजने के बावजूद पुलिस एक्टिव नहीं दिखी। फिलहाल जांच दल 100 स्पेशल एजेंटों के साथ खोजबीन कर रही है।
1200 सुरक्षा गार्ड के होते हुई चोरी
गौरतलब है कि म्यूजियम की सुरक्षा में 1200 गार्ड और 52 से अधिक दमकलकर्मी शामिल थे। म्यूजियम के गार्ड लंबे समय से काम की खराब स्थिति की शिकायत कर रहे थे। इसी म्यूजियम में दुनियाभर में मशहूर मोनालिसा की पेंटिंग को बुलेटप्रूफ बॉक्स में रखा गया है। वहीं, चोरी हुए सामानों में कुछ गहने ऐसे भी हैं जिन्हें 887 की नीलामी के बाद दोबारा खरीदा गया था।
किंग चार्ल्स की ऐतिहासिक तलवार भी चोरी
पेरिस के लूव्र म्यूजियम के इतिहास में इससे पहले कई बार बेशकीमती चीजों की चोरी हो चुकी है। इसमें किंग चार्ल्स की ऐतिहासिक तलवार भी शामिल है। साल 1792 में 10 हजार से अधिक कीमती पत्थरों को चुरा लिया गया था। इसमें \“फ्रेंच ब्लू हीरा\“ शामिल था। साल 1976 में किंग चार्ल्स - 10वें की हीरे जड़ी तलवार और 1998 में \“द पाथ ऑफ सेवेस\“ की पेंटिंग भी चुराई गई, जो आजतक नहीं मिली। |
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