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प्रदर्शन करते शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने इस बार भी दीपावली न मनाने का निर्णय लिया है।
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और संरक्षक भास्कर सिंह के आह्वान पर अभ्यर्थियों ने कहा कि न्याय न मिलने तक उनका हर त्योहार अंधकार में रहेगा।मोर्चा के पदाधिकारी राजन जायसवाल ने बताया कि भर्ती में आरक्षण घोटाले के कारण योग्य अभ्यर्थी नौकरी से वंचित हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
हाईकोर्ट की सिंगल और डबल बेंच से जीतने के बाद भी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गंभीर पैरवी नहीं की। प्रदेश प्रवक्ता जगबीर सिंह चौधरी ने कहा कि 28 अक्टूबर को यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अभ्यर्थियों के पक्ष में हलफनामा दाखिल नहीं करती तो प्रदेशव्यापी महाआंदोलन होगा।
बिजनौर, मैनपुरी, लखनऊ, मथुरा, फिरोजाबाद सहित कई जिलों के अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता से उनका दीपावली का पर्व अंधेरे में डूब गया है। अभ्यर्थियों ने कहा कि न्याय न मिलने पर विधान भवन का घेराव और जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के सोशल मीडिया प्रभारी राजन जायसवाल का कहना है कि 69000 अध्यापक भर्ती में हुए व्यापक आरक्षण घोटाले की वजह से नौकरी पाने से वंचित हो है तथा न्याय पाने के लिए हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हम लोग लड़ रहे हैं। हाई कोर्ट सिंगल बेंच से और डबल बेंच से जीत हासिल करने के बाद भी हम नौकरी से वंचित है तथा सुप्रीम कोर्ट में सरकार की लचर पैरवी और पिछड़े दलितों के प्रति संवेदनहीनता के कारण सुनवाई नहीं हो पा रही है तथा बीजेपी सरकार से यह उम्मीद नहीं थी अब ऐसी स्थिति में वह आर्थिक मानसिक व सामाजिक रूप से परेशान होकर घुट घुट कर जिंदगी जी रहे हैं।
पिछड़ी टोली संयुक्त मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता जगबीर सिंह चौधरी का कहना है कि 28 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में याचियों के पक्ष में याची लाभ का हलफनामा दाखिल करें अन्यथा की स्थिति में आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी महाआंदोलन करेंगे जिसका खमियाजा उत्तर प्रदेश सरकार को विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है । अभी तक सुप्रीम कोर्ट में 14 महीने में 23 से अधिक बार तारीख लग चुकी है लेकिन किसी भी तारीख पर सरकारी वकील उपस्थित नहीं हुआ जो यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय देने के लिए तत्पर नहीं है।
बिजनौर के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी अमरदीप प्रजापति का कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते उनका मकान बिक गया तथा इस भर्ती में आरक्षण घोटाले की वजह से अभी तक नौकरी न मिल पाने के कारण वह बहुत दुखी और परेशान है और उनका हर त्यौहार पिछले 5 साल से अंधकार में जा रहा है क्योंकि न्याय न मिल पाने के कारण परिवार की आर्थिक हालत बहुत खराब हो गई है लेकिन सरकार आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों की मनोदशा पर कोई ध्यान नहीं दे रही । |
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