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Dhanteras 2025: धनतेरस से पहले सर्राफा बाजार में चांदी के दाम में थोड़ी कमी

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发表于 2025-10-28 09:47:41 | 显示全部楼层 |阅读模式
  

निवेशक नहीं बेच रहे हैं चांदी



अंशू दीक्षित, जागरण, लखनऊ: बड़े त्यौहार धनतेरस और दीपावली से पहले बाजार से चांदी गायब है, लेकिन दो दिन में चांदी के दाम कम होने से धनतेरस पर लोगों को काफी राहत मिल सकती है। 15 अक्टूबर को चांदी के दाम 1.95 लाख रुपये प्रति किलो थे तो 17 अक्टूबर को 1.81 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गए। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

निवेशक भी चांदी के दाम कम होने के कारण अभी बेचने से बच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी आने वाले कुछ महीने में सवा दो लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इसी कारण व्यापारी इसको बाजार में उतारने से बच रहे है। चांदी के बर्तन, चांदी के सिक्के, पायल, बिछिया तो मिल जा रही है, लेकिन निवेशक जिस चांदी के टुकड़े को लेना चाह रहे हैं, उसकी बाजार में मांग के बाद भी कमी है।

बाजार से चांदी गायब हो गई है। भारत में सबसे अधिक चांदी राजस्थान के उदयपुर से अन्य राज्यों को जाती है, वहां से भी माल की आवक वर्तमान में न के बराबर हो गई है। अधिकांश चांदी का उत्पादन तांबा, सोना, सीसा और जस्ते के शोधन से मिलता है।

चौक सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश चंद्र जैन सर्राफ कहते हैं कि बाजार से चांदी चंद दिनों में ही गायब हो गई। कारीगरों के पास काम पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। ऐसा त्योहारों के सीजन में होता नहीं था। चांदी के दाम हर दिन बढ़ रहे हैं। चांदी से वर्तमान में आभूषण भी कम बन रहे हैं। इस बार चांदी ने दीपावली से पहले सोने से अच्छा रिटर्न दिया है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदीश कहते हैं कि कई दिनों से चांदी न आने के कारण कारीगरों के पास काम कम है। लोग पूजा के लिए सिक्के खरीद रहे हैं और वह बाजार में उपलब्ध भी हैं।

आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के प्रदेश संयोजक विनोद महेश्वरी ने बताया कि चांदी में निवेश ज्यादा हो रहा है। इसी कारण निवेशक बेच नहीं रहे हैं और माल आ रहीं नहीं है। ऐसे में कोई निवेशक अगर एक किलो से दो किलो लेना चाहे तो आसानी से मिल रहा है, लेकिन लखनऊ में चांदी नहीं मिल रही है। अगर मिलेगी तो और महंगे दामों में मिलेगी।
लक्ष्मी-गणेश व चांदी के सिक्के इस बार मिलेंगे महंगे
धनतेरस में चांदी के सिक्के और लक्ष्मी गणेश थोड़ा महंगे मिल सकते हैं। चांदी की बाजार में कमी है और जिनके पास माल बचा है, वह वजन के हिसाब से नहीं बेच रहे हैं। जरूरत के हिसाब से चांदी के सिक्के और लक्ष्मी गणेश बिकना तय माना जा रहा है। ऐसे में समझदार लोगों ने अभी से चांदी के सिक्के व लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां चांदी की लेकर रख लिए हैं। लोग चांदी के सिक्के के स्थान पर ब्रेसलेट, बर्तन व लंबे समय के लिए चांदी के गहनों में निवेश कर सकते हैं। अभी दाम नहीं गिरेंगे, लेकिन सहालग के बाद दाम गिर सकते हैं।
इन देशों के पास सबसे अधिक है चांदी
सर्राफा कारोबारी कहते हैं कि अमेरिका, मेक्सिको, बोलीविया, चिली, पेरू व कनाडा में चांदी काफी मिलती है। यहां की खदानों से चांदी निकालकर रिफाइन करके दूसरे देशों में बेचा जाता है। इन खदानों से हर वर्ष बड़ी मात्रा में चांदी निकलती है। पोलैंड में दुनिया की तीन सबसे बड़ी चांदी की खदानें हैं।
भारत में हिन्दुस्तान जिंक चांदी का बड़ा उत्पादक
भारत में चांदी का सबसे बड़ा उत्पादक हिंदुस्तान जिंक है। यह कंपनी अपने जिंक संयंत्रों से चांदी निकालती है और देश के चांदी शेयर बाजार में महत्वपूर्ण योगदान देती है। भारत में चांदी की प्रमुख खदान राजस्थान में हैं, यहां उदयपुर के जावर और भीलवाड़ा के सिंदेसर खुर्द में खदान है। इन खदानों में मुख्य रूप से सीसा, जस्ता, तांबा और सोने के अयस्कों के साथ उप-उत्पाद के रूप में चांदी का मिलती है। झारखंड, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी चांदी पायी जाती है।

पांच वर्ष में दीपावली के आसपास चांदी के दाम

2021 में चांदी के दाम : 65,500 रुपये प्रति किलो
2022 में चांदी के दाम : 60 हजार रुपये प्रति किलो
2023 में चांदी के दाम : 76 हजार रुपये प्रति किलो
2024 में चांदी के दाम : 98 हजार रुपये प्रति किलो
15 अक्टूबर 25 को चांदी के दाम : 1.95 लाख रुपये प्रति किलो
17 अक्टूबर 25 को चांदी के दाम = 1.81 लाख रुपये प्रति किलो

नोट : इन दामों में थोड़ा बहुत कम ज्यादा हो सकता है।
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