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देवघर में मातम में बदली खुशियां, बेटी का तिलक चढ़ाने जा रहे पिता की सड़क हादसे में मौत

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发表于 2025-10-28 09:41:29 | 显示全部楼层 |阅读模式
  

रोते-बिलखते परिजन। (जागरण)



अजय परिहस्त/ मंटू यादव, देवघर। वह माता-पिता धनवान होते हैं जिनके घर लक्ष्मी आती है। राजेश के घर भी तीन लक्ष्मी आई।

दो बेटियों की शादी कर तीसरी नैना की शादी करने के बाद निश्चिंत होने की बार-बार घर में चर्चा करने वाले राजेश का यह अरमान पूरा नहीं हो सका और तीसरी बेटी का तिलक लेकर जाते वक्त रास्ते में एक सड़क दुर्घटना में वह दुनिया को अलविदा कह गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बेटी नैना के नयन की धार और उसकी दहाड़ से उनके स्वजन की कौन पूछे, उसके ससुराल वालों का दिल भी पिघल गया। हृदय विदारक इस घटना की खबर सुनकर गोड्डा से ससुराल के सभी सदस्य राजेश के घर आ गए। वह लड़का भी आया जिसके साथ नैना की शादी होनी है।

सबने मानवता की ऐसी पटकथा लिखी कि समाज को यह जता दिया कि केवल फिल्मों में ही नहीं ऐसा होता है। रीयल लाइफ में भी इंसानियत जिंदा है।
ऐसे हुई घटना

हंसडीहा-गोड्डा मुख्य मार्ग पर दुमका जिला के हंसडीहा थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात हुए सड़क हादसे में एक अधेड़ की मौत हो गई। मृतक 50 वर्षीय राजेश शर्मा देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के डहुआ गांव का रहने वाला था। वह अपनी छोटी बेटी नैना का तिलक चढ़ाने के लिए गोड्डा जिला के तेलडीहा गांव जा रहा था।

नैना की शादी तेलडीहा गांव निवासी सुनील कुमार शर्मा से तय हुई थी। इस दौरान दुमका जिले के हंसडीहा-गोड्डा मुख्य मार्ग पर हंसडीहा थाना क्षेत्र के रेलवे फाटक हाइवा ने धक्का मार दिया। टक्कर मारने के बाद हाइवा उसे दो किमी तक सड़क पर घसीटते हुए ले गया।

उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल लाया गया। सदर अस्पताल में जांच के बाद डाक्टर ने किया मृत घोषित।
तिलक लेकर जा रहे थे पिता

घटना के संबंध में बताया गया कि छोटी बेटी नैना का तिलक चढ़ाने के लिए राजेश व अन्य लोग मोहनपुर से गोड्डा की ओर जा रहे थे। बड़ा दामाद किशन राणा, साढू राजेन्द्र राणा तिलक का सामान आटो पर लादकर जा रहे थे।

गाड़ी में उन तीनों के अलावा आटो चालक था। रेलवे फाटक बंद होने के कारण राजेश आटो से नीचे उतर गया। कुछ आगे जाकर देखने लगा। इस दौरान फाटक खुल गया और पीछे से तेज रफ्तार में आ रही हाइवा ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में राजेश हाइवा में फंस गया।

हादसे के बाद भागने के प्रयास में हाइवा राजेश को करीब दो किमी तक घसीटते हुए ले गया। उसके बाद हाइवा चालक गाड़ी लेकर मौके पर से फरार हो गया। उसके बाद उसका दामाद, साढू व अन्य लोग वहां पहुंचे। हादसे में राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची।

घायल राजेश को इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया। सदर अस्पताल में जांच करने पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पल भर में शादी की खुशी पर छाए गए गम के काले बादल

मृतक राजेश के साढू राजेन्द्र राणा ने बताया कि राजेश पेशे से बढ़ई का काम करता था। उसकी दो अन्य बेटी बड़ी नेहा व मंझली निशा की पहले शादी हो चुकी है। छोटी बेटी नैना की शादी होनी थी। मृतक का एक आठ वर्ष का बेटा भी है। नैना की शादी की तैयारी घर पर चल रही थी। उसकी बड़ी बेटी नेहा और बड़ा दामाद आ चुके थे।

उसके साढू राजेन्द्र राणा भी आए थे। बताया गया कि तिलक चढ़ाने के बाद शादी की तारीख तय होनी थी। राजेश छोटी बेटी की शादी को लेकर काफी उत्साहित था। उसे लग रहा था कि तीसरी बेटी की शादी कर वह एक तरह से निश्चिंत हो जाएगा।

बढ़ई का काम करके उसने बड़ी मुश्किल से पहले दो बेटी की शादी की थी। तीसरी की भी तैयारी कर ली थी। लेकिन इसी बीच उसकी मौत की खबर सुनकर घर में खुशी के माहौल पर एकदम से गम के काले बादल छा गए। घर में चीख पुकार गूंजने लगी। लोग सदर अस्पताल पहुंचे और महिलाएं दहाड़ मारकर रोने लगी।

राजेश परिवार में कमाने वाले एकमात्र व्यक्ति था। उसकी कमाई पर ही पूरे घर का खर्च निर्भर करता था। ऐसे में हादसे में उसकी मौत हो जाने से पूरे परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। वहीं इस घटना की खबर सुनते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गयी। उसके घर पर गांव वाले पहुंच गए हैं।
नैना के ससुराल वालों ने बंधाया ढांढस

राजेश के होने वाले दामाद सुनील कुमार शर्मा ने इंसानियत की नायाब मिसाल पेश की है। उसके घर में तिलक चढ़ाने के लिए लोग आने वाले थे। उनके घर में इसकी तैयारी चल रही थी। इसी बीच अचानक हादसे की खबर पहुंची। उनके घर में भी खुशी का माहौल गम में तब्दील हो गया।

सुनील व उसके घर वालों ने इस दुख की घड़ी में नैना व उसके घर वालों के साथ खड़ा रहने का निर्णय लिया। सुनील, उसकी मां चांदो देवी, बड़ा भाई अनिल मिस्त्री, छोटा भाई जितेन्द्र शर्मा नैना के घर पहुंचे। वे लोग नैना व उसके घर वालों के साथ दुख की इस घड़ी में साथ खड़े नजर आए। सुनील की मां भी विलाप कर रही थी।

सुनील ने बताया कि उसके घर में तिलक की तैयारी पूरी हो चुकी थी। तिलक चढ़ाए जाने के बाद शादी का दिन तय होना था। इसी बीच हादसा हो गया। ये बहुत ही दुखद घटना है। भावनात्मक जुड़ाव के कारण दुख की इस घड़ी में वह और उसके घर के लोग यहां आए हैं। सुनील व उसके घर वालों के इस पहल की सभी लोगों ने खुले दिल से सराहना की।
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