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नोएडा की हवा देश में सबसे जहरीली, AQI 324 पार, GRAP लागू, सेक्टर 125 की हवा सबसे खतरनाक

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发表于 2025-10-28 09:39:03 | 显示全部楼层 |阅读模式
  

प्रतीकात्मक तस्वीर।



जागरण संवाददाता, नोएडा। टूटी सड़कों पर उड़ती धूल, नियमों के उल्लंघन कर धड़ल्ले से चलता निर्माण कार्य शहर की हवा को जहरीला बना रहा है। बुधवार को शहर की हवा देश में सबसे ज्यादा खराब श्रेणी में रही। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 324 पहुंच गया। इससे हवा रेड जोन की श्रेणी में पहुंच गई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

प्रदूषण का स्तर बढ़ता देख सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) ने ग्रेप का पहला चरण की पाबंदियां लागू कर दी हैं। सुबह से आसमान में प्रदूषण की परत देखने को मिलने लगी है। रात में प्रदूषण की परत धुंध में बदल जाती है। यह दीपावली से पहले की आहट है। पटाखे फोड़ने के बाद हवा सीवियर श्रेणी पहुंच सकती है। इसकी रोकथाम को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेप के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है।  

बता दें कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मंगलवार को सेक्टर 142 में नियमों को ताक पर रखकर चल रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाकर बिल्डर पर दस लाख का जुर्माना लगाया है। बोर्ड की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि सेक्टर 142 में मैसर्स एक्सप्रेस इंफोवेस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से प्लाट नं वन सी में खुले में निर्माण कार्य चलता पाया गया।

इसी दौरान निमार्ण सामग्री खुले पड़ी थी। इसे ग्रीन शेड से कवर न होने पर, विंडब्रेकिंग वाल, जल छिडकाव के लिए वाटर स्प्रिकंलर का उपयोग नहीं किया जा रहा था। नियमों का उल्लंघन किए जाने पर दस लाख का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने का भुगतान न करने पर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  

दूसरी तरफ नोएडा प्राधिकरण सड़कों पर उड़ती धूल को रोकने के लिए एंटी स्मोग गन व स्प्रिंकलर टैंकर से जमी मिट्टी पर छिड़काव नहीं कर रहा है। इससे लगातार प्रदूषण अधिक खराब श्रेणी पहुंच रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्राधिकरण को सड़कों पर छिडकाव करने के लिए नोटिस दिया है। इससे प्रदूषण पर रोक लगाई जा सकेगी। बढ़ते प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में परेशानी होनी लगी है।
सेक्टर-125 की हवा अधिक जहरीली

शहर में बुधवार को अधिक खराब हवा सेक्टर 125 और सेक्टर 116 की दर्ज की गई। इसका एक्यूआइ 374 और 333 दर्ज किया गया। यह सेक्टर रेड जोन में रहे। इन सेक्टरों के निवासियों को आंखों में इचिंग और सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


“ग्रेप का पहला चरण की पाबंदियां लगाई गई है। ग्रेप के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।“

-रितेश कुमार तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड


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