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जागरण संवाददाता, रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां ने सांसद नदवी पर चुटकी लेते हुए कहा- ऐसा न हो कि बात निकले तो बहुत दूर तलक जाए, उनके चर्चे तो आगरा तक हैं। बोले- उनकी जुबान पर हमें शर्मिंदगी है। सलाह भी दी कि वह अपने दर्जे की लाज रखें। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद आजम खां और रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के बीच वाक युद्ध जारी है। सपा मुखिया अखिलेश यादव भी दोनों के बीच सुलह कराने में नाकाम साबित हुए हैं। जेल से छूटने के बाद जब आजम खां से सांसद के बारे में सवाल किए गए थे तो उन्होंने कहा था कि वह कौन साहब हैं, हम उन्हें नहीं जानते। इसके बाद पिछले गुरुवार को सांसद नदवी ने आजम खां पर तंज कसते हुए कहा था कि वह बुजुर्ग हो गए हैं, लंबे समय तक जेल में रहे हैं तो उन्हें हमको पहचानने में दिक्कत होगी ही।
यह भी कहा था कि वह अपने शहर इमाम को नहीं जानते तो हमें क्या पहचानेंगे। वहीं सांसद ने रामपुर से खुद का सात पुश्तों से नाता बताते हुए कहा था कि आजम खां बिजनौर से आए हैं। इसी संबंध में बुधवार को जब पत्रकारों ने आजम से सवाल किया तो वह बोले, उन्हें मस्जिद के अलावा कुछ और इल्म होता तो शायद ऐसा न कहते। कम से कम उन्होंने ये तो माना कि मैं हिंदुस्तानी हूं और मैं किसी एजेंसी का एजेंट नहीं हूं।
आगे बोले- बहरहाल बुजुर्ग हैं हमारे, बुजुर्गी इस्लाम में उम्र से नहीं होती लेकिन, एक मशवरा है उनको कि जिस मुकद्दस मेंबर पर वह खड़े होते हैं उसके लिए किरदार भी वैसा ही होना चाहिए और एखलाक व गुफ्तार भी वैसा होना चाहिए। कहा, उनके बयान से किसी को हो न हो मुझे बड़ी शर्मिंदगी है कि वह ऐसी जुबान भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसा न हो कि बात निकले तो बहुत दूर तलक जाए। चर्चे तो उनके एखलाक के यहां से लेकर आगरा तक हैं। ऐसा न करें, वह शेरवानी भी पहनते हैैं और टोपी भी लगाते हैं। उनका लिबास भी मोहतरम है उनका पेशा भी मोहतरम है।
सांसद को सलाह देते हुए कहा कि नमाज पढ़ाते हैं तो शफ के आगे खड़े होने व उस दर्जे की लाज रखेंगे और अपने नबी से एखलाक सीखेंगे।
बता दें कि सांसद नदवी की चौथी बीवी आगरा से हैं और उन्होंने सांसद के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में भरण पोषण का वाद दायर किया है। मंगलवार को न्यायालय ने सांसद को भरण पोषण के लिए तीस हजार रुपये जमा कराने के आदेश दिए हैं। |
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