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राजासौरस प्रजाति के डायनासोर लगभग 25 करोड़ वर्ष पहले विद्यमान थे (प्रतीकात्मक तस्वीर)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में डायनासोर के जीवाश्म की खोज की जाएगी। जर्मन शोध छात्रा डॉ. संजुक्ता चक्रवर्ती के अध्ययन के अनुसार नर्मदा नदी क्षेत्र में राजासौरस प्रजाति के डायनासोर लगभग 25 करोड़ वर्ष पहले विद्यमान थे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा के दौरान डॉ. चक्रवर्ती ने उनसे मुलाकात की, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों को नर्मदापुरम में डायनासोर के अवशेष खोजने के निर्देश दिए हैं।
नर्मदा घाटी में डायनासोर के प्रमाण मिले
नर्मदा घाटी में कई स्थानों पर करोड़ों वर्ष पहले डायनासोर के प्रमाण मिले हैं, जिनमें सीहोर, धार और डिंडौरी जिले शामिल हैं। यहां डायनासोर के जीवाश्म संग्रहालय में रखे गए हैं। अब नर्मदापुरम में भी इस दिशा में खोज की जाएगी।
राजासौरस नामक यह प्रजाति भारत के क्रेटेशियस काल का एक विशाल मांसाहारी डायनासोर था, जिसके जीवाश्म नर्मदा नदी के ऊपरी क्षेत्र में पाए गए हैं। इसे नर्मदा घाटी की राजसी छिपकली के नाम से भी जाना जाता है ।धार जिले में 2017 से 2020 के बीच शाकाहारी डायनासोर के अंडों का घोंसला मिला था।
अब नर्मदापुरम में मांसाहारी डायनासोर की मौजूदगी के प्रमाण खोजे जाएंगे। इतिहासकारों का मानना है कि भारत में सबसे पहले डायनासोर के जीवाश्म धार में मिले थे। यहां एक डायनासोर पार्क भी बनाया जा रहा है, जो गुजरात के डायनासोर पार्क की तर्ज पर होगा। |
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