धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, शनिवार 22 नवंबर को अगहन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया और तृतीया तिथि है। इस शुभ अवसर पर न्याय के देवता शनिदेव की पूजा की जाएगी।
धार्मिक मत है कि कर्मफल दाता शनिदेव की पूजा करने से व्यक्ति विशेष को जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही करियर और कारोबार में मनमुताबिक सफलता मिलती है।
ज्योतिषियों की मानें तो मार्गशीष माह की द्वितीया तिथि पर मन के कारक चंद्र देव राशि परिवर्तन करेंगे। चंद्र देव के राशि परिवर्तन करने से वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों को लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही मानसिक विकार से भी मुक्ति मिलेगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
चंद्र गोचर 2025
मन के कारक चंद्र देव 22 नवंबर को शाम 04 बजकर 46 मिनट पर वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में चंद्र देव अगले दो दिनों तक रहेंगे। इसके बाद धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करेंगे।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के स्वामी ऊर्जा के कारक मंगल देव हैं और आराध्य हनुमान जी हैं। इस राशि को हनुमान जी शुभ फल देते हैं। वहीं, सूर्य और बुध देव की कृपा भी वृश्चिक राशि के जातकों पर बरसती है। वृश्चिक राशि के जातक बेहद मेहनती और एकांतप्रिय होते हैं। चंद्र देव के राशि परिवर्तन करने से वृश्चिक राशि के जातकों को करियर में मनमुताबिक सफलता मिलेगी। साथ ही कोई विश भी पूरी होगी। चिंता और विकार से छुटकारा मिलेगा। नयन संबंधी परेशानी हो सकती है। घर पर मांगलिक कार्य का आयोजन होगा। अपनों का साथ मिलेगा। विशेष काम में सफलता मिलेगी। बिगड़े काम पूरे होंगे।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के स्वामी न्याय के देवता शनि देव हैं और आराध्य भगवान शिव हैं। इस राशि के जातकों पर शनि देव की कृपा बरसती है। शनिदेव की कृपा के चलते कुंभ राशि के जातक बिजनेस में सफल होते हैं। बिजनेस के लिए समय बहुत उत्तम है। घर पर खुशियों का माहौल रहेगा। मानसिक शांति प्राप्त होगी। कोई बड़ा काम पूरा होगा। साहसिक कदम लेने से जीवन की रुपरेखा बदल सकती है। कोई खुशखबरी मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।
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