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पंजाब चेकप्वाइंट पर वसूली के कारण हो रहे नुकसान की वजह से व्यापारियों को घाटा हो रहा है।
जागरण संवाददाता,श्रीनगर।
कश्मीर थोक मटन डीलर्स एसोसिएशन ने पंजाब के चेकपाइंट्स पर पशुओं के ट्रकों पर लगाए जा रहे भारी शुल्क और उत्पीड़न पर फिर से चिंता जताई और चेतावनी दी कि अगर 27 नवंबर तक इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ तो घाटी में मटन की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
एसोसिएशन के महासचिव मेहराजुद्दीन गनई ने कहा कि डीलरों पर प्रति ट्रक 10,000 रुपये से ज़्यादा का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा है जो पहले बताई गई जबरन वसूली की प्रक्रिया का ही एक हिस्सा है। जानकारी के अनुसार, देरी और गर्मी के कारण ऐसी ही एक घटना में 50 से ज़्यादा भेड़ें मर गईं।
चिंता बढ़ाते हुए, घाटी के व्यापारियों ने पंजाब के \“गुंडों\“ पर यह भी आरोप लगाया है कि वे पंजाब पशु मेला अधिनियम की आड़ में ड्राइवरों और कंडक्टरों द्वारा इन अवैध \“करों\“ का भुगतान करने से इनकार करने पर उन पर शारीरिक हमला करते हैं।
मेहराज ने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस महीने के अंत तक इस मुद्दे को सुलझाने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रहती है, तो इससे होने वाले नुकसान के कारण व्यापारियों को कश्मीर में मटन के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं और वे इसके परिणामों की ज़िम्मेदारी नहीं लेंगे।
एसोसिएशन के सूत्रों ने यह भी कहा कि अगर इस मुद्दे का तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो मटन की कीमतें 800 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती हैं और स्थिति और बिगड़ सकती है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें |
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