धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अमावस्या तिथि (Margashirsha Amavasya 2025) पर शिव की जी आराधना करने से साधक को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही यह तिथि पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए भी काश मानी गई है। इस दिन पर मंत्र जप, दान-पुण्य और दीपदान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। ऐसे में आप इस दिन पर भगवान शिव के इन मंत्रों का जप कर कृपा के पात्र बन सकते हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
करें इन मंत्रों का जप
1. ॐ नमः शिवाय
2. ॐ नमो भगवते रूद्राय
3. ऊं पषुप्ताय नमः
4. शिव गायत्री मंत्र - ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि तन्नः शिवः प्रचोदयात्
यदि संभव हो तो मार्गाशीर्ष अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान जरूर करें। यदि ऐसा करना संभव न हो, तो आप घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें और पूजा-पाठ करें। इसके साथ ही मंत्रोच्चारण करें। इस दिन पर आपको पितृ चालीसा के पाठ से भी विशेष लाभ मिल सकता है।
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