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जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अतिक्रमण अभियान के दौरान नागरिकों के प्रति अनुचित व्यवहार, दायित्व को सही ढंग से नहीं निभाने और टीम के सदस्यों के बीच आंतरिक शिकायतों के बाद नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने प्रवर्तन दल के आठ सदस्यों को नौकरी से निकाल दिया है। इनमें दो महिला सदस्य भी शामिल हैं। हालांकि, प्रवर्तन दल के इन सभी सदस्यों का कार्यकाल अभी बचा हुआ था। इनके हटा दिए जाने से निगम का अतिक्रमण हटाने का अभियान धीमा पड़ गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
नगर निगम की ओर से शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जाता है। इस अभियान के लिए एक प्रवर्तन दल गठित है।लेकिन पिछले कुछ समय से प्रवर्तन दल की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। हाल ही में टीम के कुछ सदस्यों के खिलाफ स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से दुर्व्यवहार की कई शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों में व्यापारियों के साथ झड़प के मामले भी शामिल थे।
जांच में यह सामने आया कि कुछ सदस्य बिना सक्षम अधिकारी की उपस्थिति में कार्रवाई कर रहे थे, जो नियमों के खिलाफ है। इसके अतिरिक्त, टीम के सदस्यों के बीच समन्वय की कमी और आंतरिक विवाद भी सामने आए। इसके अलावा टीम के सदस्यों में आंतरिक कुछ मसलों के संबंध में भी अधिकारियों तक शिकायत पहुंची। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नगर आयुक्त ने आठ सदस्यों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
प्रवर्तन दल में अब बच गया है सिर्फ एक सदस्य
वहीं, आठ सदस्यों को हटाने के बाद फिलहाल अतिक्रमण हटाने वाले प्रवर्तन दल में सिर्फ एक सदस्य बचा रह गया है। दरअसल प्रवर्तन दल में टीम लीडर समेत कुल 12 सदस्य थे। नौकरी पुलिस विभाग में लगने की वजह से इनमें से तीन ने नगर निगम प्रवर्तन दल छोड़ दिया। ऐसे में इस दल में सिर्फ एक सदस्य अजय थापा रह गए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था कर अभियान चलाया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री के आगमन रूट से हटाया अतिक्रमण
गोरखपुर नगर निगम प्रवर्तन दल द्वारा द्वारा गोरखनाथ मंदिर से लेकर राजेंद्र नगर होते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय तक रोड के दोनों तरफ से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान ठेला, प्लास्टिक शीट मुर्गे की जाली, होर्डिंग आदि जब्त किए गए। वहीं, 15,500 रुपये का चालान भी काटा गया। इसके अलावा टीम ने सिटी माल रोड पर गोरखपुर हाट के अंदर अवैध तरीके से हुए अतिक्रमण करने वालों को तत्काल वहां से हटने का अल्टीमेटम दिया।
अभियान की विश्वसनीयता बनाए रखने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी। रिक्त हुए पदों पर जल्द ही नई भर्तियां की जाएंगी। वहीं, अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा है। -
-दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त |
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