|
|
फरीदाबाद में 42 करोड़ रुपये की लागत से बनी स्मार्ट सड़क धंस गई। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी की पहली स्मार्ट सड़क पर सवाल उठने लगे हैं। 42 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह स्मार्ट सड़क सोमवार को अचानक धंस गई। सेक्टर 19-28, राष्ट्रीय राजमार्ग बड़खल चौक से बाईपास तक की डिवाइडिंग रोड को स्मार्ट रोड के रूप में डिजाइन किया गया था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन दोनों तरफ साइकिल ट्रैक और भूमिगत बिजली की लाइनें बिछाई जानी बाकी हैं। इसलिए ठेकेदार को अभी तक कार्य पूर्ण होने का प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है।
सड़क धंसने से वाहन चालकों को भी काफी परेशानी हुई। लोगों ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवास से 10 मीटर की दूरी पर बनी इस सड़क का अगर यह हाल है, तो अन्य सड़कों की गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवास से सटी सेक्टर 19-28 डिवाइडिंग रोड को तब चुना गया था। 1.62 किलोमीटर लंबी इस सड़क के लिए शुरुआत में 63 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इस पर सवाल उठाते हुए बजट में कटौती की मांग की थी। इसके बाद, अधिकारियों ने ₹42 करोड़ का बजट तैयार किया। सड़क निर्माण 27 जनवरी, 2019 को शुरू हुआ।
सड़क के निर्माण के साथ-साथ साइकिल ट्रैक, भूमिगत बिजली लाइनें, फुटपाथ, ग्रिल, रोड मार्किंग और लाइटें लगाई जानी थीं। सड़क निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं मिला है, यानी काम अधूरा है। लोगों का कहना है कि सड़क हल्के वाहनों का भार भी नहीं झेल पा रही है।
स्थानीय निवासी मनोज ने कहा कि ₹42 करोड़ की लागत से बनी इस सड़क को और मज़बूती से बनाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि स्मार्ट रोड का टूटना स्मार्ट सिटी के काम पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासी जितेंद्र ने कहा कि सड़क की गुणवत्ता की जाँच होनी चाहिए और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
स्मार्ट रोड के टूटने की जानकारी मिली है। टूटने के कारणों की जाँच की जाएगी। ठेकेदार को सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएँगे।
संजीव गुप्ता, कार्यकारी अभियंता, फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड
|
|