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अमेरिका में कॉफी, चाय और फलों पर कम हुआ टैरिफ, ट्रंप के फैसले से भारत को कितना होगा फायदा?

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发表于 2025-11-26 23:31:18 | 显示全部楼层 |阅读模式
  

ट्रंप ने खाद्य आयात पर टैरिफ घटाया (फोटो- जागरण ग्राफिक्स)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में बढ़ती महंगाई और उपभोक्ताओं की शिकायतों के बीच राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने ने खाद्य आयात पर लगने वाले टैरिफ को घटा दिया है। इससे भारत के आम, अनार और चाय निर्यात को फायदा हो सकता है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

दरअसल, ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा था। हाल ही में अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क में हुए मेयर और गर्वनर चुनाव में मंहगाई बड़ा मुद्दा थी। इस चुनाव में ट्रंप को हार का सानना करना पड़ा। जिसके बाद ट्रंप ने बीफ, कॉफी और फलों सहित दर्जनों कृषि उत्पादों पर लगे टैरिफ को हटाने का फैसला किया है।
भारत को क्या हुआ लाभ?

व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को घोषणा की कि उष्णकटिबंधीय फल और जूस, चाय और मसाले उन आयातों में शामिल हैं जिन पर पारस्परिक शुल्क नहीं लगेगा। व्हाइट हाउस फैक्टशीट में उल्लिखित अन्य वस्तुएं कॉफी और चाय, कोको, संतरे, टमाटर और बीफ थीं। जिन पर टैरिफ घटाया गया है।

ट्रंप ने भारत से आयात पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाया और रूसी तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क जोड़ा। लेकिन मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए, ट्रंप ने पहले जेनेरिक दवाओं को शुल्क से मुक्त कर दिया था, जिससे भारत को बड़ा लाभ हुआ, जो अमेरिका में निर्धारित 47 प्रतिशत जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है। वहीं, अब  खाद्य आयात घटाने से आम, अनार और चाय निर्यात में वृद्धि देखने को मिलेगी।
ट्रंप नहीं उतरे उम्मीदों पर खरे

इस हफ्ते जारी एनबीसी न्यूज के एक सर्वेक्षण में, 63 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने कहा कि जीवन-यापन की लागत और अर्थव्यवस्था के मामले में ट्रंप उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, और 30 प्रतिशत रिपब्लिकन इससे सहमत थे।

ट्रंप ने “किफायतीपन“ के मुद्दे को डेमोक्रेट्स द्वारा किया गया “पूरी तरह से धोखा“ बताते हुए इसे खारिज कर दिया और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में पेट्रोल और ऊर्जा की कम कीमतों और उच्च मुद्रास्फीति दर की ओर इशारा किया, जब यह एक समय 19.7 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। हालांकि बाइडेन के कार्यकाल में तेजी से बढ़ती मुद्रास्फीति पर बहस हुई है, फिर भी यह तेजी से बढ़ रही है, सितंबर में यह 3 प्रतिशत दर्ज की गई। लेकिन कुछ खाद्य उत्पादों की कीमतों में टैरिफ के कारण वृद्धि दर्ज की गई है।
आयात की कीमतों में 30 प्रतिशत वृद्धि

सितंबर के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, भुनी हुई कॉफी की कीमतों में 18.9 प्रतिशत और बीफ और वील की कीमतों में 14.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारतीय किराना दुकानों में भारत से मसालों और खाद्य पदार्थों के आयात की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
आम और अनार का निर्यात बढ़ने की संभावना

गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा टैरिफ हटाने के बाद भारत से आम के आयात का भारत-अमेरिका संबंधों में एक विशेष स्थान है। मिसाइलों, परमाणु सहयोग और प्रौद्योगिकी नवाचार के साथ-साथ आमों को भी फरवरी में ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान में जगह मिली। बयान में कहा गया कि भारत ने अमेरिका को भारतीय आमों और अनारों का निर्यात बढ़ाने के लिए अमेरिका द्वारा उठाए गए कदमों की भी सराहना की। (समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें- अमेरिका बढ़ाएगा सऊदी अरब की ताकत, ट्रंप प्रिंस सलमान को देने जा रहे F-35 लड़ाकू विमान
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