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महिलाओं में नाराजगी महंगाई और सुविधा की कमी प्रमुख मुद्दे
सुनील राज, गयाजी। Bihar election 2025 phase 2 voting : गया जिले की बाराचट्टी विधानसभा सीट इस बार एक दिलचस्प मुकाबले की गवाह बनी। एक ओर सत्तारूढ़ गठबंधन से ज्योति देवी (हम) मैदान में हैं, जो मौजूदा विधायक भी हैं, वहीं दूसरी ओर राजद की तनुश्री यादव महागठबंधन के झंडे तले चुनौती पेश कर रही हैं। दोनों के बीच यह लड़ाई केवल दलों की नहीं, बल्कि जनता के मन की परीक्षा भी बन गई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
सरकार के काम पर जनता बंटी, कोई संतुष्ट, कोई आक्रोशित
बाराचट्टी में सरकार के काम को लेकर जनता के विचार बंटे हुए हैं। गांवों में योजनाओं का लाभ पहुंचा है, लेकिन कई जगह मूलभूत सुविधाओं की कमी अभी भी चर्चा में है।
सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर लोग खुलकर राय दे रहे हैं। गांव के बुजुर्ग मनोज राय बताते हैं कि सड़क बनी है, पर नौकरी नहीं मिली। बच्चे बाहर ही जा रहे हैं।
वहीं सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कुछ लोग कहते हैं कि अब कम से कम काम हो रहा है, पहले जैसी अंधेरी रात नहीं रही।
महिलाओं में नाराजगी महंगाई और सुविधा की कमी प्रमुख मुद्दे
बाराचट्टी की महिला मतदाता इस बार निर्णायक भूमिका में हैं। लेकिन यही वर्ग मौजूदा सरकार से सबसे अधिक असंतुष्ट भी दिखता है।
गांव की महिलाओं का कहना है कि “रसोई गैस के दाम ने कमर तोड़ दी, उज्ज्वला योजना की सिलेंडर तो मिली पर भरवाने के पैसे नहीं।” कई जगहों पर महिलाओं ने पेयजल की समस्या और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी सवाल उठाए। महिलाओं के बीच यह नाराजगी मौजूदा विधायक ज्योति देवी के लिए चुनौती बन सकती है।
लाल युवाओं में रोजगार और सम्मान का मुद्दा बड़ा
युवा वर्ग बाराचट्टी में सबसे मुखर नजर आता है। नौकरी, पढ़ाई और रोजगार की कमी पर गुस्सा साफ झलकता है। यहां युवाओं की अच्छी मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि एक बड़ा तबका बदलाव की तरफ झुक रहा है।
एक कॉलेज छात्र ने कहा नेता आते हैं, वादा करते हैं, लेकिन यहां रोजगार का कोई माहौल नहीं बनता। पढ़ने के बाद लोग गया या पटना पलायन करते हैं।
सड़क की ओर इशारा कर कहते हैं बरसात में पानी लगता है स्कूल का मैदान भर जाता है। कोई सुनवाई नहीं है।
ज्योति देवी के लिए काम बनाम छवि की परीक्षा
मौजूदा विधायक ज्योति देवी का राजनीतिक आधार मजबूत जरूर है, लेकिन इस बार जनता उनके काम को कसौटी पर तौल रही है।
उनके समर्थक कहते हैं कि उन्होंने सड़कें बनवाईं, पंचायतों में योजनाएं पहुंचाईं। वहीं विपक्षी मतदाता तर्क देते हैं कि काम अधूरा है, जनता से दूरी बढ़ी है।
बाराचट्टी में यह चर्चा भी आम है कि ज्योति देवी को पार्टी संगठन का पूरा सहारा है, लेकिन जनता की नब्ज़ को साधना इस बार आसान नही।
राजद प्रत्याशी तनुश्री यादव पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में हैं। वे अपेक्षाकृत नया चेहरा हैं, लेकिन महागठबंधन के संगठन और यादव-मुस्लिम समीकरण पर उनका भरोसा है।
उनके लोग कह रहे हैं कि महिला मतदाता तनुश्री को ताकत दे रही हैं। यह संकेत साफ है कि बाराचट्टी में इस बार वोट जातीय समीकरण से आगे बढ़कर काम और छवि दोनों पर पड़ सकता है। |
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