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Exclusive Interview: अशोक चौधरी बोले — नीतीश कुमार का सुशासन ही डबल इंजन की सबसे बड़ी ताकत

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发表于 2025-11-26 23:02:41 | 显示全部楼层 |阅读模式
  

नीतीश कुमार का सुशासन और डबल इंजन की सरकार का असर लोगों के बीच हावी



जागरण संवाददाता, पटना। जदयू के के राष्ट्रीय महासचिव व ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने स्टार प्रचारक के रूप में बड़ी संख्या में एनडीए प्रत्याशी के लिए चुनावी सभाएं की। वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भी कई जगहों पर चुनावी सभाओं में दिखे। गांव-गांव घूमे। दूसरे चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद उन्होंने दैनिक जागरण के साथ बातचीत में कहा कि यह साफ है कि नीतीश कुमार का सुशासन और डबल इंजन की सरकार का असर लोगों के बीच हावी है। पहले चरण में ही यह तय हो गया कि बिहार में फिर से नीतीश सरकार अस्तित्व में आ रही। दैनिक जागरण के विशेष संवाददाता भुवनेश्वर वात्स्यायन के साथ बातचीत के प्रमुख अंश...। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

सवाल: अब दूसरे चरण का मतदान होना है, चुनाव प्रचार खत्म हो गए, क्या फीडबैक है?

जवाब: अब दूसरे चरण का मतदान होना है, चुनाव प्रचार खत्म हो गए, क्या फीडबैक है? -यह साफ-साफ दिखा कि इस बार का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे पर तथा मोदी-नीतीश की जोड़ी के विकास पर केंद्रित सोच पर है। लोग जात-पात से ऊपर उठकर एनडीए के पक्ष मे सक्रिय नजर आए। सभी के मन में यह है बिहार आगे बढ़ रहा है और इसे और आगे ले जाएगी एनडीए। इसलिए एनडीए के पक्ष में वोटर का तीव्रता से आगे आना दिख रहा।  

सवाल: नीतीश कुमार दो दशक से मुख्यमंत्री हैं, आपको यह नहीं लगता कि एंटी इनकंबैंसी फैक्टर चलेगा?  

जवाब: देखिए, नीतीश कुमार के प्रति किसी तरह का एंटी इनकंबैंसी फैक्टर नहीं है। हां, कुछ जगहों से यह रिपोर्ट जरूर थी कि प्रत्याशियों के प्रति थोड़ा आक्रोश है। पर यह आक्रोश नीतीश कुमार की वजह से पनप नहीं पाया। लोग नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।  

सवाल: विपक्ष का यह आरोप है कि एनडीए ने इस चुनाव को फ्री बिज आधारित बना दिया?  

जवाब: इस आरोप में कोई दम नहीं है। नीतीश कुमार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया। यह वैसे बुजुर्गों के प्रति सम्मान है, जिन्हें उनके स्वजन भी मजबूरी में नहीं देख रहे। महिलाओं को उनके पसंद का रोजगार शुरू किए जाने को ले दस हजार रुपये देना फ्री बिज नहीं है। यह राज्य सरकार की योजना का हिस्सा है। अगर 50 प्रतिशत महिलाएं भी इस योजना के तहत आगे बढ़ जाती हैं तो उनकी आर्थिक संपन्नता बढ़ेगी। फ्री बिज तो उसे कहेंगे कि सरकार प्रतिमाह एक तय राशि महिलाओं को दे रही। झारखंड सरकार ने ऐसा किया था। इसी तरह 125 यूनिट मुफ्त बिजली भी सरकार की योजना का हिस्सा है। आने वाले समय में सरकार सोलर प्लेट की व्यवस्था करेगी इनके लिए। मुख्यमंत्री ने अपनी योजनाओं के माध्यम से 30 प्रतिशत लोगो को गरीबी रेखा से बाहर किया।  

सवाल: ग्रामीण इलाके में वोटरों के मन में क्या दिखा?  

जवाब: ग्रामीण इलाके में वोटर सड़कों के निर्माण और पुल बनने से काफी खुश हैं। बांका में जब वह घूम रहे थे तो आंकड़ा यह था कि वहां 450 करोड़ की योजना केवल ग्रामीण सड़क की चल रही। यह विकास ही तो है। यह वोट में कन्वर्ट हो रहा।  

सवाल: तेजस्वी हर घर से एक को नौकरी दिए जाने की बात कर रहे, तीस हजार एकमुश्त देने की भी बात है?  

जवाब: विपक्ष की कोई क्रेडिबिलिटी नहीं दिख रही क्षेत्र में। आइएनडीआइए की बातों पर भरोसा ही नहीं है लोगों को। इसलिए उनकी बातों की चर्चा ही नहीं दिखी।  

सवाल: नीतीश कुमार आए तो आगे की क्या योजना होगी?  

जवाब: आने वाले पांच वर्षों में नीतीश ने कहा कि एक करोड़ लोगों को नौकरी व रोजगार उपलब्ध कराएंगे। उद्योगों को मिशन मोड में स्थापित करना बड़ा लक्ष्य होगा। इससे बिहार में प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ेगी।यह साफ-साफ दिखा कि इस बार का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे पर तथा मोदी-नीतीश की जोड़ी के विकास पर केंद्रित सोच पर है। लोग जात-पात से ऊपर उठकर एनडीए के पक्ष मे सक्रिय नजर आए। सभी के मन में यह है बिहार आगे बढ़ रहा है और इसे और आगे ले जाएगी एनडीए। इसलिए एनडीए के पक्ष में वोटर का तीव्रता से आगे आना दिख रहा।  

सवाल: नीतीश कुमार दो दशक से मुख्यमंत्री हैं, आपको यह नहीं लगता कि एंटी इनकंबैंसी फैक्टर चलेगा?

जवाब: देखिए, नीतीश कुमार के प्रति किसी तरह का एंटी इनकंबैंसी फैक्टर नहीं है। हां, कुछ जगहों से यह रिपोर्ट जरूर थी कि प्रत्याशियों के प्रति थोड़ा आक्रोश है। पर यह आक्रोश नीतीश कुमार की वजह से पनप नहीं पाया। लोग नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।  

सवाल: विपक्ष का यह आरोप है कि एनडीए ने इस चुनाव को फ्री बिज आधारित बना दिया?

जवाब: इस आरोप में कोई दम नहीं है। नीतीश कुमार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया। यह वैसे बुजुर्गों के प्रति सम्मान है, जिन्हें उनके स्वजन भी मजबूरी में नहीं देख रहे। महिलाओं को उनके पसंद का रोजगार शुरू किए जाने को ले दस हजार रुपये देना फ्री बिज नहीं है। यह राज्य सरकार की योजना का हिस्सा है। अगर 50 प्रतिशत महिलाएं भी इस योजना के तहत आगे बढ़ जाती हैं तो उनकी आर्थिक संपन्नता बढ़ेगी। फ्री बिज तो उसे कहेंगे कि सरकार प्रतिमाह एक तय राशि महिलाओं को दे रही। झारखंड सरकार ने ऐसा किया था। इसी तरह 125 यूनिट मुफ्त बिजली भी सरकार की योजना का हिस्सा है। आने वाले समय में सरकार सोलर प्लेट की व्यवस्था करेगी इनके लिए। मुख्यमंत्री ने अपनी योजनाओं के माध्यम से 30 प्रतिशत लोगो को गरीबी रेखा से बाहर किया।

सवाल: ग्रामीण इलाके में वोटरों के मन में क्या दिखा?

जवाब: ग्रामीण इलाके में वोटर सड़कों के निर्माण और पुल बनने से काफी खुश हैं। बांका में जब वह घूम रहे थे तो आंकड़ा यह था कि वहां 450 करोड़ की योजना केवल ग्रामीण सड़क की चल रही। यह विकास ही तो है। यह वोट में कन्वर्ट हो रहा।  

सवाल: तेजस्वी हर घर से एक को नौकरी दिए जाने की बात कर रहे, तीस हजार एकमुश्त देने की भी बात है?

जवाब: विपक्ष की कोई क्रेडिबिलिटी नहीं दिख रही क्षेत्र में। आइएनडीआइए की बातों पर भरोसा ही नहीं है लोगों को। इसलिए उनकी बातों की चर्चा ही नहीं दिखी।  

सवाल:नीतीश कुमार आए तो आगे की क्या योजना होगी?

जवाब:आने वाले पांच वर्षों में नीतीश ने कहा कि एक करोड़ लोगों को नौकरी व रोजगार उपलब्ध कराएंगे। उद्योगों को मिशन मोड में स्थापित करना बड़ा लक्ष्य होगा। इससे बिहार में प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ेगी।
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