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अस्पताल में लगी लोगों की भीड़। (जागरण)
जागरण संवाददाता, बोकारो। चास प्रखंड के मानगो पंचायत के पूर्व मुखिया और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य 46 वर्षीय मंतोष सोरेन का बुधवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
वे नया मोड़ स्थित वेलमार्क अस्पताल में भर्ती थे। मृतक के भाई आनंद सोरेन ने बताया कि 9 अक्टूबर को उन्हें हार्ट अटैक आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने स्टेन लगाया था। तीन दिन बाद छुट्टी मिलने के बाद नौ दिन पूर्व उन्हें स्टेंन की जांच के लिए बुलाया गया था, तब उनकी स्थिति सामान्य बताई गई थी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
लेकिन बुधवार सुबह करीब 10 बजे उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें तत्काल वेलमार्क अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान करीब एक घंटे बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंतोष सोरेन की मौत की खबर फैली, नया मोड़ स्थित अस्पताल में स्थानीय लोगों और स्वजनों की भीड़ पहुंच गई।
गुस्साए स्वजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि अस्पताल में अनुभवी चिकित्सक नहीं हैं, जिसके कारण गलत इलाज से मंतोष की मौत हुई।
स्वजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अस्पताल प्रबंधन पर प्राथमिकी दर्ज की जाए, मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए।
घटना की सूचना पाकर सिटी थाना प्रभारी सुदामा प्रसाद और कार्यपालक मजिस्ट्रेट जया कुमारी मौके पर पहुंचे और स्वजनों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन स्वजन अपनी मांगों पर अड़े रहे।
मृतक के भाई आनंद सोरेन ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के कारण मंतोष की जान गई है। उन्होंने मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम की मांग की है। विदित हो कि मंतोष सोरेन मानगो पंचायत के दो बार मुखिया रह चुके हैं। बीते दिनों उनकी शादी कुसमापुर में हुई थी।
उनके निधन से पंचायत क्षेत्र में शोक की लहर है और ग्रामीणों ने भी अस्पताल प्रबंधन पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। झामुमो नेता आकाश टुडू का कहना है कि यहां का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी इस तरह की घटना हो चुकी है आदिवासी परिवार के लोगों से मनमानी राशि ली जाता है। |
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