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जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। अशोक विहार थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड के फरार आरोपित को पकड़ने के लिए स्पेशल स्टाफ में तैनात महिला सिपाही कोमल ने इंटरनेट मीडिया के जरिए आरोपित से पहले दोस्ती की। फिर उसकी लोकेशन ट्रेस कर टीम के साथ मिलकर उसे दबोच लिया। आरोपित राहुल उर्फ मताद (25) लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद वह गिरफ्तारी से बचता रहा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि बीते दो अप्रैल को मिशिका (18) नामक युवती ने पुलिस को काॅल कर अपने अंकल प्रदीप पर गोली चलाने और बदसलूकी की शिकायत दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को पीड़िता ने बताया कि साहिल उर्फ चिकना, दिनेश उर्फ नंगा, कृष्णा झा और राहुल उर्फ मताद नामक बदमाशों ने उसके अंकल की जमकर पिटाई की। जब उसने विरोध किया तो आरोपितों ने उसके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। एक आरोपित ने पिस्टल की बट से उस पर हमला किया, जबकि दिनेश ने उसके अंकल प्रदीप पर गोली चला दी। गनीमत रही कि प्रदीप किसी तरह बच निकले।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अन्य आरोपितों को तो गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन राहुल फरार हो गया। अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए, फिर भी वह लगातार पुलिस से बचता रहा।
इसी बीच स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह के नेतृत्व में सिपाही कोमल ने इंटरनेट मीडिया पर आरोपित की तलाश शुरू की। उन्होंने आरोपित से दोस्ती कर उससे बातचीत जारी रखी और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।
इसी दौरान आरोपित की लोकेशन वजीरपुर इलाके में ट्रेस हुई। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर राहुल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने वारदात में शामिल होने और गोली चलाने की बात कबूल की है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित वर्ष 2019 में हत्या के एक मामले में भी शामिल रह चुका है। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की गहन छानबीन कर रही है।
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