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30-30-30-10 फॉर्मूला से करें बचत और जरूरतें पूरी
नई दिल्ली। मिडिल क्लास की हमेशा से ही ये परेशानी रही है कि चाहे सैलरी जितनी ज्यादा हो, लेकिन खर्चे कभी पूरी नहीं होते। ऐसा इसलिए है क्योंकि आप सैलरी को सही ढंग से मैनेज नहीं कर पाते हैं। सैलरी मैनेज के लिए कई तरह के फॉर्मूलों का आप इस्तेमाल कर सकते हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
आज हम जानेंगे कि 30-30-30-10 फॉर्मूला से आप सैलरी को कैसे सही ढंग से मैनेज कर सकते हैं।
क्या है 30-30-30-10 फॉर्मूला
इस फॉर्मूले की सहायता से आप सैलरी को अलग-अलग भागों में विभाजित कर इसे आसानी से मैनेज कर सकते हैं।
इस फॉर्मूले के तहत आपको सैलरी कुछ इस तरह से डिवाइड करनी है-
- 30%- घर से जुड़े खर्चों के लिए
- 30%- अन्य जरूरी खर्चों के लिए
- 30%- भविष्य के लिए बचत
- 10%- अपनी चाहत के लिए जैसे मूवी देखना, घूमना इत्यादि
आइए इस फॉर्मूले का इस्तेमाल उदाहरण से समझते हैं।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए किसी व्यक्ति को हर महीने 50 हजार रुपये मिलते हैं। अब इस फॉर्मूले के हिसाब से-
- 30%- 15000 रुपये घर के खर्चों में जाएंगे
- 30%- 15000 रुपये अन्य जरूरी खर्च
- 30%- फिर अन्य 15,000 आप भविष्य के लिए सेव करेंगे।
- 10%- बाकी के बचे 5000 रुपये आप मनचाहे खर्चे में लगा सकते हैं।
इस तरह से आप आसानी से सैलरी मैनेज कर सकते हैं। सैलरी का 60 फीसदी पैसा अपने जो खर्चों के लिए निकाला है। उसे आप कई जरूरी काम आसानी से पूरा कर सकते हैं। जैसे घर के पानी और बिजली का बिल, राशन इत्यादि।
वहीं अगर आप 50 हजार सैलरी का 30 फीसदी यानी 15 हजार रुपये हर महीने बचा रहे हैं, तो ये भविष्य के लिए काफी अच्छा है। आप भविष्य की कई जरूरत इन्हीं सेविंग से पूरी कर पाएंगे। आप इन पैसों को सुरक्षित निवेश जैसे एफडी, आरडी और असुरक्षित निवेश जैसे म्यूचुअल फंड में लगा सकते हैं।
अगर आप एक महीने में 5000 रुपये या उससे कम की मनचाही चीज खरीद लें या पूरी कर लें, तो ये खुद को स्तुष्ट करने के लिए काफी है। |
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