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9 दिन में ही टूट गया गाजा युद्धविराम। (फाइल)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गाजा पट्टी में युद्धविराम की छिटपुट घटनाओं के बावजूद नौ दिनों से रुके इजरायली हमले रविवार को फिर शुरू हो गए। इजरायली सेनाओं ने गाजा के विभिन्न इलाकों में हवाई हमले, टैंकों से गोलाबारी और फायरिंग की है। इन हमलों में 18 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं। जबकि युद्धविराम के दौरान मारे गए कुल लोगों की संख्या बढ़कर 46 हो गई और 150 से ज्यादा घायल हुए हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इस बीच गाजा को मिस्त्र से जोड़ने वाली रफाह क्रासिंग बंद है जिससे गाजा के लिए राहत सामग्री की आपूर्ति बाधित है। इजरायली सेना ने अन्य मार्गों से गाजा पहुंच रही खाद्यान्न सामग्री के वितरण पर भी रोक लगा दी है जिससे लाखों लोगों के जीवन पर खतरा और बढ़ गया है।
इजरायल ने हमास लगाया हमले का आरोप
इजरायल ने हमास पर रफाह और कई अन्य इलाकों में इजरायली सैनिकों पर हमलों का आरोप लगाया है। इसी के बाद इजरायल के गाजा पर हमले शुरू हुए।
ताजा हमलों में इजरायल ने खान यूनिस और रफाह शहरों को निशाना बनाया गया है। इजरायल ने हमास पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की शांति योजना के अनुसार कार्य न करने का आरोप लगाया है। कहा, बंधकों के शव देने में हमास जानबूझकर देरी कर रहा है।
हमास ने नहीं लौटाए बंधकों के शव
हमास ने अभी तक 28 में से 12 बंधकों के शव ही इजरायल को दिए हैं। इनमें से एक इजरायली और एक थाई नागरिक के शव शनिवार देर रात दिए गए। जबकि सभी 20 जीवित बंधकों और 28 बंधकों के शव युद्धविराम के 72 घंटे के भीतर सौंपे जाने थे।
इसके अतिरिक्त हमास ने हथियार छोड़ने और गाजा की सत्ता छोड़ने के भी कोई संकेत नहीं दिए हैं, उलटे गाजा में वह अपने विरोधियों को मार रहा है। जबकि हमास ने इजरायल पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। गाजा में युद्धविराम टूटने पर जब यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास से पूछा गया तो उसने जांच के बाद बयान देने की बात कही है।
(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)
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