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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अटल भवन में गुरुवार को प्रबंध बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। इसमें विद्या परिषद और वित्त समिति में स्वीकृत प्रस्तावों सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। एक प्रस्ताव के मुताबिक विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में नेक्स्ट जनरेशन सेमीकंडक्टर्स एंड नैनो डिवाइसेज के लिए करीब चार करोड़ रुपये की लागत से सेंटर फार एक्सीलेंस की स्थापना का निर्णय लिया गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में स्मार्ट एंड सस्टेनेबल माइनिंग के लिए सेंटर फार एक्सीलेंस के स्थापना को मंजूरी दी गई। विश्वविद्यालय को अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की पेयर योजना के अंतर्गत शोध केंद्र के रूप में चिन्हित भी किया गया है।
इसके अलावा भौतिक एवं रसायन विभाग में एक्सआरडी मशीन लगाने की अनुमति प्रदान की गई। यह मशीन करीब डेढ़ करोड़ की लागत से लगाई जाएगी। उन्नत शोध उपकरणों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी की स्थापना और संचालन के लिए निदेशक की नियुक्ति को भी प्रबंधन बोर्ड ने मंजूरी दी।
इसके अलावा विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार और सिविल व मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रयोगशाला के उच्चीकरण के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति भी बैठक में प्राप्त हुई।
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इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
- फार्मेसी विभाग में एमफार्म (फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री व फार्मास्यूटिक्स आरम्भ करने और बीफार्म की सीटों में वृद्धि किए जाने के सापेक्ष आवश्यक अतिरिक्त शैक्षणिक पदों का सृजन।
- परिसर में 140 छात्रों की क्षमता वाले अर्धनिर्मित हास्टल को विश्वविद्यालय की निधि से पूरा करना और बाद में उस धनराशि को एकेटीयू से प्राप्त करना।
- विश्वविद्यालय में प्रायोजित स्वर्ण पदकों सहित कुलाधिपति एवं कुलपति स्वर्ण पदकों का निर्माण सोने व चांदी के प्रयोग से कराना। प्रायोजित स्वर्ण पदक के लिए पांच वर्ष के लिए एकमुश्त पांच लाख विश्वविद्यालय कोष में जमा करना।
- विश्वविद्यालय के सभी हास्टलों के डाइनिंग हाल और कामन रूम को वातानुकूलित किए जाने के लिए 2.15 करोड़ रुपये और सभी हास्टलों में माड्यूलर किचेन बनवाए जाने के लिए 3.57 करोड़ रुपये खर्च करना।
- कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संचालित एमटेक कंप्यूटर साइंस की वर्तमान प्रवेश क्षमता 18 सीटों में वृद्धि कर 30 सीट किया जाना।
प्रबंध बोर्ड की बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास को लेकर बड़ी संख्या में प्रस्ताव कुलसचिव प्रकाश प्रियदर्शी की ओर से रखे गए। बोर्ड ने सभी को अपने बहुमूल्य सुझाव के साथ मंंजूरी प्रदान कर दी। जल्द सभी प्रस्तावों का परिसर में क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। -
प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमयूटी |
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