找回密码
 立即注册
搜索
查看: 182|回复: 0

ट्रंप की बातें हवा हवाई या फिर है कुछ सच्चाई, आंकड़ों से समझिए भारत ने रूस से तेल खरीद कम की या ज्यादा

[复制链接]

8万

主题

-651

回帖

26万

积分

论坛元老

积分
261605
发表于 2025-10-28 09:43:16 | 显示全部楼层 |阅读模式
  

ट्रंप की बातें हवा हवाई या फिर है कुछ सच्चाई, आंकड़ों से समझिए भारत ने रूस से तेल खरीद कम की या ज्यादा



नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों द्वारा बार-बार और लगातार टैरिफ संबंधी नखरे, दबाव, बेतुकी बातें और प्रतिबंधों के बावजूद, भारत ने सितंबर में रूस को अपना टॉप तेल आपूर्तिकर्ता बनाए रखा है और अपने कच्चे तेल के आयात का 34% मास्को से आयात करता है। हालांकि, जनवरी से रूस से तेल आयात में 10% की गिरावट आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने बुधवार को दावा किया की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर देगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

भारत रूसी कोयला और रिफाइंड फ्यूल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार भी रहा, जिसका कुल फॉसिल इंपोर्ट ₹3.6 अरब था, जो चीन के ₹5.5 अरब से पीछे था। कुल मिलाकर, रूसी जीवाश्म ईंधन खरीदारों में चीन पहले स्थान पर रहा, उसके बाद भारत, तुर्की, यूरोपीय संघ और दक्षिण कोरिया का स्थान रहा।

व्यापार सूत्रों और शिपिंग आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल और सितंबर के बीच भारत का रूसी तेल आयात सालाना आधार पर 8.4% गिरा है। भारत की सरकारी रिफाइनरी कंपनियों ने भले ही रूसी तेल के आयात में कमी की है लेकिन प्राइवेट कंपनियों ने रूस से तेल आयात में इजाफा किया है। व्यापार स्रोतों से प्राप्त शिपिंग आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में एक रिफाइनरी ने 1 अप्रैल से शुरू हुए इस वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में प्रतिदिन 1.75 मिलियन बैरल रूसी तेल का निर्यात किया।

कुल कच्चे तेल की आवक 4.5 मिलियन बैरल पर डे से अधिक होने के बावजूद, आयात औसतन 1.6 मिलियन बैरल प्रति दिन है, भारतीय रिफाइनरियों ने वाशिंगटन के दबाव को नजरअंदाज कर दिया है, तथा रियायती यूराल क्रूड को प्राथमिकता दी है, जो ब्रेंट बेंचमार्क के मुकाबले 2-3 डॉलर प्रति बैरल की बचत की पेशकश करता है।

जहां सरकारी रिफाइनरियों ने रूस से आयात में 45% की कटौती की है, वहीं निजी ऑपरेटरों द्वारा मास्को से कच्चे तेल की आपूर्ति सितंबर में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। ऐतिहासिक रूप से, रूस भारत के लिए कच्चे तेल का प्राथमिक स्रोत नहीं रहा है। फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद, भारत ने अपने तेल आयात को कुल आयात के नगण्य 0.2% से बढ़ाकर 35-40% कर दिया, जिससे रियायती खरीद के माध्यम से अनुमानित 17 बिलियन डॉलर की बचत हुई।

यह भी पढ़ें- ट्रंप टैरिफ में हुई बढ़ोतरी के बावजूद सबसे तेज रफ्तार से भागेगा भारत, IMF ने बढ़ाया विकास दर का अनुमान
您需要登录后才可以回帖 登录 | 立即注册

本版积分规则

Archiver|手机版|小黑屋|usdt交易

GMT+8, 2026-1-18 07:30 , Processed in 0.124475 second(s), 22 queries .

Powered by usdt cosino! X3.5

© 2001-2025 Bitcoin Casino

快速回复 返回顶部 返回列表