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पटना में टिकट लेतीं डॉ. श्वेता।
जागरण संवाददाता, शिवहर। चेतन आनंद का शिवहर से टिकट काटे जाने के बाद तमाम राजनीतिक संभावनाओं को खारिज करते हुए जदयू ने डॉ. श्वेता को उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही तमाम राजनीतिज्ञों को चौंका दिया है। सीतामढ़ी के चर्चित लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. वरुण कुमार की पत्नी सह महिला चिकित्सक डॉ. श्वेता को बुधवार की रात पटना में जदयू का सिंबल प्रदान कर दिया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
डॉ. श्वेता वैश्य समुदाय से आती है और जदयू ने उन्हें टिकट देकर वैश्यों की नाराजगी दूर करने की कोशिश की है। जबकि, इस सीट पर दावेदारी कर रहे भाजपा की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है।
वहीं, चेतन का टिकट कटने के बाद खुद की दावेदारी सुनिश्चित मानकर मिठाई बांट रहे पूर्व विधायक मो. शरफुद्दीन के सपने टूट गए है। इधर, जदयू से डॉ. श्वेता के टिकट मिलने के साथ ही शिवहर की सियासत में गर्माहट आ गई है।
बताते चलें कि डॉ. श्वेता सीतामढ़ी शहर में नंदीपत मेमोरियल हॉस्पिटल चलाती है। उनके पति डॉ. वरुण कुमार चर्चित लैप्रोस्कोपिक सर्जन है। डॉ. वरुण कुमार एक दशक से अधिक समय से समाज सेवा करते रहे है। इसी आधार पर वर्ष 2019 में जदयू ने उन्हें सीतामढ़ी लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था।
चुनाव प्रचार के दौरान ही उनका हृदय परिवर्तित हो गया और उन्होंने टिकट वापिस कर दिया था। इसके बाद जदयू ने भाजपा नेता सुनील कुमार पिंटू को पार्टी की सदस्यता दिलाकर टिकट दिया था। जिसमें पिंटू की जीत हुई थी। इसके बाद दोनों पति-पत्नी संघ व भाजपा से जुड़ गए।
पिछले लोकसभा चुनाव में डॉ. श्वेता लोकसभा की शिवहर व सीतामढ़ी दोनों सीटों से प्रत्याशियों की कतार में थी। इस बार भी टिकट के लिए उनका प्रयास जारी था। इसी बीच बुधवार की रात डॉ. श्वेता ने भाजपा छोड़ जदयू की सदस्यता हासिल की और टिकट लेकर पटना से शिवहर के लिए रवाना हो गई है। |
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