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जागरण संवाददाता, सीतापुर। खेवटा के जंगल में बुधवार सुबह पिंजरे में नर तेंदुआ फंसा मिला। छह नवंबर को यहां पिंजरा लगाया गया था। तेंदुआ को पीलीभीत के जंगल में छोड़ा गया है। चार दिन के अंदर जिले में यह दूसरा तेंदुआ पकड़ा गया है। 15 नवंबर को महोली के मुसब्बरपुर में तेंदुआ पकड़ा गया था। इसे मिर्जापुर के जंगलों में छोड़ा गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
करीब एक माह से खेवटा के जंगल के साथ ही आसपास के गांव औरंगाबाद, रामपुर, रामशाला, मीरापुर, हथिया, पनरभू, बेलहरी, मानपुर, बेलहरी, सिढौली, बिराहिमपुर, लोधौरा, अशरफनगर, रघुनाथपुर, ककरघटा, पथरहिया, हरिहरपुर, सुनारी आदि गांवों में तेंदुआ विचरण कर रहा था।
उत्तरथोक गांव में एक ग्रामीण की छत पर तेंदुआ चढ़ गया था। इससे ग्रामीणों में दहशत थी। वन विभाग की ओर से खेवटा के जंगल में पिंजरा लगाया गया था। मंगलवार की देर रात तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। इसे बुधवार सुबह ग्रामीणों ने देखा। इसके कुछ देर बाद ही वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए।
पिंजरा को लेकर नगर के इलसिया वन उद्यान गए। यहां चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। इसके बाद डीएफओ नवीन खंडेलवाल पिंजरा लेकर पीलीभीत वनरेंज के लिए रवाना हो गए।
खेवटा के जंगल में पकड़ा गया तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है। उसे पीलीभीत के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।
-नवीन खंडेलवाल, डीएफओ सीतापुर |
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