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भुवनेश्वर की बस्तियां बनीं ड्रग्स की नई मंडी, 10 महीने में 30 करोड़ का नशीला पदार्थ जब्त

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发表于 2025-11-26 23:49:45 | 显示全部楼层 |阅读模式
  

नशे का कारोबार



जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। राजधानी भुवनेश्वर में अवैध नशा कारोबार लगाम लगाने के लिए कमिश्नरेट पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।इसी के तहत कमिश्नरेट पुलिस, एसटीएफ और आबकारी स्क्वाड ने बीते 10 महीनों में करीब 30 करोड़ रुपये कीमत का नशीला पदार्थ जब्त किया है और 245 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
एससीयू ने किया बड़े नशा रैकेट का भंडाफोड़

कमिश्नरेट पुलिस की स्पेशल क्राइम यूनिट (एससीयू) ने पश्चिम बंगाल से ब्राउन शुगर तस्करी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। गैंग का मास्टरमाइंड शेख सादिक मोहम्मद (30) फिलहाल फरार है, जबकि उसका सहयोगी शेख अकबर (29) पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। अकबर के पास से 405 ग्राम ब्राउन शुगर, नकदी और मोबाइल बरामद किए गए हैं।  

पुलिस कमिश्नर सुरेश देवदत्त सिंह और डीसीपी अनुप कानुंगो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि सादिक पिछले 10 वर्षों से राजधानी में रहकर नशे का धंधा चला रहा था। वह कई एजेंटों के जरिए पुरी, कटक, नयागढ़, जगतसिंहपुर और खुर्दा समेत कई जिलों में ब्राउन शुगर सप्लाई करता था।
कोडवर्ड के जरिए चल रहा था रैकेट

पुलिस के अनुसार, जांच से पता चला है कि यह गिरोह पार्सल सेवा का इस्तेमाल कर पश्चिम बंगाल से ब्राउन शुगर मंगवाता था। राजधानी पहुंचने के बाद कोडवर्ड का इस्तेमाल कर एजेंटों को माल सप्लाई किया जाता था।

कुछ महीने पहले एससीयू को रैकेट की पुख्ता जानकारी मिली थी, जिसके बाद आरोपियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। बीती रात लिंगराज रेलवे स्टेशन के पास तस्करी की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने दबिश देकर अकबर को गिरफ्तार कर लिया।
सादिक पर दर्ज हैं 10 से अधिक मामले

मास्टरमाइंड सादिक के खिलाफ 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसकी तलाश में विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर रही है। रैकेट की पूरी परतें खोलने के लिए अकबर को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।
बस्ती बन गई है नशे का अड्डा

राजधानी की बस्तियां अब नशा कारोबार की नई मंडी बनती जा रही हैं। इन बस्तियों में डेरा जमाए बैठे तस्कर और छोटे नशा कारोबारियों ने ब्राउन शुगर, गांजा और भारी मात्रा में अवैध शराब की सप्लाई का जाल बिछा रखा है। अलग-अलग बस्तियों में नशा माफिया छिपकर इस पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहे हैं।  

अब ब्राउन शुगर का धंधा अपराधियों और असामाजिक तत्वों की कमाई का मुख्य जरिया बन चुका है। इसी कारोबार को लेकर बस्तियों में गैंग तैयार हो रहे हैं तथा समूह संघर्ष, झगड़े-मारपीट जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। यहां तक कि जानें भी गई हैं। इसी वर्ष राजधानी में सनसनी फैलाने वाली सहदेव नायक हत्या भी ब्राउन शुगर के कारोबार से जुड़ी होने की चर्चा रही।  
विदेशी नशा माफियाओं की नई मंडी

अब विदेशी नशा माफियाओं की नजर भी भुवनेश्वर पर टिक गई है। विदेशों से हवाई मार्ग के जरिए भारी मात्रा में मारिजुआना पहुंच रहा है। पिछले 10 महीनों में कस्टम्स और डीआरआई विभाग ने 11 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 63 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य का मारिजुआना जब्त किया है।
शिक्षण संस्थान भी नहीं बचे

इस वर्ष राजधानी के एक विश्वविद्यालय परिसर से कमिश्नरेट पुलिस ने दो नशा माफियाओं को गिरफ्तार किया। इससे साफ हुआ कि शिक्षण संस्थानों के कैंपस तक में नशे का कारोबार फैल चुका है। चिंता की बात यह है कि कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के परिसर आज नशा करने वालों के अड्डे बन गए हैं।
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