Gold Price After Diwali: ₹12,000 से ज्यादा गिर सकता है सोना, क्या ये निवेश का सही समय है? एक्सपर्ट से जानें सब कुछ
/file/upload/2025/10/3787182290317790001.webpदिवाली साल का सबसे बड़ा त्योहार है। दिवाली तक सोने की मांग अपनी चरम सीमा पर रहती है। इसलिए इस समय सोने का भाव अपनी ऊंचाई पर होता है। लेकिन दिवाली खत्म होने के बाद सोने की कीमत (Gold Price After Diwali) में एक करेक्शन देखी जाती है। क्योंकि दिवाली के बाद सोने की डिमांड कम हो जाती है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
एक मीडिया रिपोर्ट में कामाख्या ज्वेलर्स के को फाउंडर मनोज झा ने दिवाली के बाद जो सोने में गिरावट का टारगेट प्राइस दिया है, वे काफी चौकाने वाला है। उन्होंने कहा कि सोने का भाव अपनी चरम सीमा पर है।
उन्होंने कहा कि सोने का दाम अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है। ऐसे में निवेशक काफी चिंतित हैं। इससे पहले इतनी बड़ी बढ़ोतरी साल 1979-80 और 2010-11 में देखी गई थी। लेकिन इतनी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने के दाम में भारी गिरावट या करेक्शन भी आया।
उन्होंने ये बताया कि हाल फिलहाल में सोने में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में इसकी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। पहलेनिवेशक पूरे पोर्टफोलियो की तुलना में 10 से 12 फीसदी पैसा सोने में निवेश करते थे। लेकिन अब निवेशक 18 से 22 फीसदी सोने में निवेश करने लगे हैं।
क्योंकि सोना अपनी चरम सीमा पर है, तो लोग सोने से प्रॉफिट बुकिंग करना चाहते होंगे।
कितना गिरेगा सोने का भाव?
मनोज झा की मानें तो ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव 300 से 400 डॉलर प्रति आउंस गिर सकता है। अगर भारतीय रुपयों में देखें तो ये लगभग 9000 रुपये से 13000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बराबर है। अब सवाल ये है कि क्या गिरावट के समय हमें सोने में लंबे समय के लिए पैसा लगाना चाहिए।
कब करें सोने में निवेश?
मनोज झा ने निवेशकों को सलाह दी है कि अगर कोई लंबे समय के लिए सोने में पैसा लगाना चाहता है, तो वे प्राइस स्थिर होने का इंतजार करें। जैसे की कीमत स्थिर होगी, आप सोने में लंबे समय के लिए निवेश कर सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: सोने में निवेश, कमोडिटी मार्केट के जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
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