Dhanteras 2025: इस बार धनतेरस पर खूब बरसा धन, सुबह से ही बाजार में भीड़ को देखकर दुकानदारों के चेहरे खिल उठे
/file/upload/2025/10/4933282169241804332.webpसंवाद सहयोगी, संभल। धनतेरस पर बाजार में खूब धनवर्षा हुई। बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। किसी ने सोने-चांदी के सिक्के और आभूषण खरीदे, कोई दो व चार पहिया वाहन खरीदकर घर लाया। सबसे ज्यादा बर्तनों की खरीदारी हुई। धनतेरस पर अच्छा कारोबार होने से दुकानदार खुश नजर आए। सुबह से लेकर देर रात तक दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बाजार में जगह-जगह पुलिस व पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
धनतेरस धनवंतरि त्रयोदशी के उपलक्ष्य में दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है। यूं तो धनतेरस पर्व पर धातु खरीदने का प्रचलन तो पुराना है, लेकिन लोग अब अपनी जरूरत के हिसाब से इस दिन कुछ न कुछ नया सामान खरीदते हैं। शनिवार को बाजार सोने-चांदी और बर्तनों की चकाचौंध से दमक उठे। सराफा की दुकानों पर पहुंचे लोगों ने सोने और चांदी के सिक्कों पर ज्यादा जोर दिया। नगर के मुख्य बाजार में धनतेरस पर खासी चहल-पहल दिखी।
आभूषणों और बर्तनों की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोग उमड़े रहे। बाजारों में देर रात तक खासी चहल पहल रही। जबकि दुकानों को आकर्षक लाइटों से सजाया गया था। वहीं दुकानदारों ने ग्राहकों के लिए कई आफर भी रखे थे। जिनका ग्राहक फायदा उठाने से नहीं चूके।
साथ ही दीया, खील-खिलौना, कंदील, झालर, मिठाई, गिफ्ट, घर की सजावट का सामान, पर्दे, झाड़ू आदि की लोगों ने जमकर खरीदारी की। फुटपाथ पर रुई, सजावटी सामान, झालर, कैलेंडर की दुकानें सजीं थीं। दिनभर बाजार ग्राहकों से गुलजार रहा। बाजार में मिट्टी के दीये 60 से 100 रुपये सैकड़ा के हिसाब से बिके। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों के भाव 50 से लेकर 1000 तक रहे, लेकिन इन पर लोगों ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
खील और मीठे खिलौने की भी खरीदारी हुई। लक्ष्मी की प्रतीक झाड़ू को खरीदकर लोग घर ले गए। धनतेरस पर लोगों में काफी उत्साह देख गया। बाजार में भीड़ को देखते हुए पुलिस के साथ ही पीएसी बल के जवान मौजूद रहे। उधर, धनतेरस के अवसर पर मुहल्लों में भी बर्तन व्यापारियों ने अपनी अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियों पर दुकानें सजाईं। लोगों ने बर्तन की खूब खरीदारी की।
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