CasinoGames 发表于 2025-11-26 23:39:44

एक्सप्रेस-वे से हाईवे तक रफ्तार ले रही जान, जुर्माना के बाद भी क्यों नहीं लग रही लगाम?

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जागरण संवाददाता, इटावा। तेज गति से वाहन चलाने के कारण कई तरह के हादसे हो सकते हैं, जिनमें नियंत्रण खोना, टक्कर होना और वाहन पलटना आदि शामिल हैं। ओवर स्पीड के कारण दुर्घटना की गंभीरता भी बढ़ जाती है।

यातायात, परिवहन विभाग तेग गति से वाहन चलाने वालों पर लगाम कसने के लिए चालानी कार्रवाई भी करता है फिर भी वाहन चालक ओवर स्पीड से चलने से बाज नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि साल दर साल हादसों में कमी की जगह बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

रविवार को जनपद के जसवंतनगर थाना क्षेत्र में आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर ग्राम जौनई के पास फिरोजाबाद बहन के घर से लौट रहे अजीतमल औरैया निवासी बाइक सवार युवक गोविंद को तेज रफ्तार कार ने टक्कर से मौत हो गई। जिसे तेज रफ्तार कार युवक की मौत का कारण बनी।

इसी तरह बकेवर क्षेत्र के मेहंदीपुर के पास देर शाम तेज गति के कारण महेवा बाजार जा रहे तीन दोस्त बाइक अनियंत्रित होने से फिसलकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरे जिससे अंदावा मड़ैया मलहान के रहने वाले 18 वर्षीय युवक मुंशीलाल पुत्र गुरुचरण निषाद की मौत हो गई जबकि उसके साथ बाइक पर सवार दो दोस्त सुबोध और हरेन्द्र गंभीर घायल हो गए।

जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। ऐसे ही मामले आए दिन हाईवे व एक्सप्रेस-वे पर अधिक गति के कारण देखने को मिलते हैं लेकिन फिर भी हालत सुधरने के बजाय बिगड़ते जा रहे हैं।

यातायात पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में वर्ष 2025 में एक जनवरी से 15 नवंबर तक 52815 वाहनों पर यातायात नियम का पालन न करने, हेलमेट व सीटबेल्ट का प्रयोग न करने के अलावा तेज गति से वाहन चलाने की वजह से चालानी कार्रवाई विभाग द्वारा की गई है, जिससे विभाग को करीब 10 करोड़ 3 लाख 70 हजार 500 रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ हैं।

यह संख्या वर्ष 2024 में विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की अपेक्षा लगभग दस हजार से अधिक है। इनमें तेज गति से वाहन चलाना भी शामिल हैं, जिसमें 1967 वाहनों पर कार्रवाई भी शामिल हैं, फिर भी वाहन चालक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।

यही वजह है कि हादसों में मौतों व घायलों का आंकड़ा घटने की वजह बढ़ रहा है। यह आंकड़े तो सिर्फ राष्ट्रीय व जिला राज्य मार्गाें के हैं। इसके अलावा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस व बुंदेलखंड एक्सप्रेस पर भी करीब 22 हजार वाहनों के चालान ओवर स्पीड की वजह से हुए हैं।
बढ़ते जा रहे चालान फिर भी लगाम नहीं

जनपद से दो एक्सप्रेस-वे गुजरे हैं जिनमें आगरा-लखनऊ व बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन पर यातायात नियमों का पालन न करते हुए अधिक रफ्तार में वाहन चलाने के कारण वित्तीय वर्ष 2024 में जहां 17,599 चालान हुए थे वहीं वर्ष 2025 में नवंबर माह तक 21,350 चालान हो चुके हैं। फिर भी लगाम नहीं लग पा रही है।
यातायात नियम तोड़ने पर वाहन चालकों पर हुई कार्रवाई



    वर्ष चालान राजस्व


   2024
   43,296
   7,45,98,240


   2025
   52,815
   10,03,70,500




(एक जनवरी से 15 नवंबर तक के आंकड़े)
ओवर स्पीड पर चालान



    वर्ष चालान जुर्माना


   2024
   1,874
   3,74,800


   2025
   1,967
   3,93,400



एक्सप्रेस-वे पर ओवर स्पीड चालान



    वर्ष जुर्माना


   2024
   17,599


   2025
   21,350





तेज गति से चलाने वाले वाहन चालकों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। बाइक सवारों को हेलमेट लगाने व कार सवारों को सीट बेल्ट के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। हादसों पर अंकुश लगाने के लिए बड़ी संख्या में चालान भी किए गए हैं।

सूबेदार सिंह, यातायात प्रभारी
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