UP: लखनऊ के लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज में एटीएस ने खंगाले संदिग्ध आतंकी डॉक्टर शाहीन सईद के रिकॉर्ड
/file/upload/2025/11/7075619363466263323.webpडॉक्टर शाहीन सईद
जागरण संवाददता, लखनऊ: दिल्ली में लाल किला के मेट्रो स्टेशन के बाहर कार में विस्फोट के प्रकरण में गिरफ्तार लखनऊ निवासी डॉ. शाहीन सईद मेधावी छात्रा रही है। जैश व गजवतुल हिंद के सफेदपोश आतंकी माडयूल से जुड़ी डॉक्टर शाहीन सईद के पास से फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामदगी के सिलसिले में उसकी गिरफ्तारी की गई है। लखनऊ में उसको लेकर गहन जांच की जा रही है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
लाल किला के मेट्रो स्टेशन के बाहर कार में विस्फोट के प्रकरण की जांच में लगी यूपी एटीएस की टीम उत्तर प्रदेश के हर उस जिले में जांच कर रही है जहां-जहां डॉ. शाहीन सईद रही है। इसके साथ ही जांच का मुख्य केंद्र लखनऊ ही है, जहां डॉ. शाहीन सईद का पैतृक निवास है और उसका बचपन बीता है।
लखनऊ में लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज डॉ. शाहीन सईद के पैतृक निवास कैसरबाग के कंधारी बाजार से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर ही है। उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम करीब 11 बजे लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज पहुंची और उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड को खंगाला। एटीएस ने कुछ पुरानी शिक्षिकाओं से शाहीन के व्यवहार के बारे में भी पूछा। डॉ. शाहीन सईद ने लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज से 1995 में इंटर पास किया था।
प्रिंसिपल एन. श्रीवास्तव ने बताया कि उसकी पुरानी मार्कशीट देखी तो यह पता चला पढ़ाई में बहुत तेज थी। उन्होंने कहा कि स्कूल का नाम खराब हो रहा है। गलत संदेश जा रहा है। इस तरह से नहीं होना चाहिए। उस वक्त तो मैं थी नहीं। जो थे उनका पता लगाकर बात की जाएगी। दिल्ली विस्फोट मामले गिरफ्तार डॉ. शाहीन सईद बीते डेढ़ वर्ष से परिवार से संपर्क में नहीं थी। जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया कि डॉ. शाहीन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी थी और इसी आतंकी संगठन का नाम दिल्ली बम धमाकों के पीछे है।
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लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज
डॉ. शाहीन सईद का जन्म लखनऊ में हुआ था और उसने लखनऊ के लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज से दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में टॉप किया था। इसके बाद प्रयागराज के मोती लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। उसने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करके कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति पाई थी।
डॉ. शाहीन (46 वर्ष) लखनऊ के कैसरबाग में कंधारी बाजार की हैं। उसकी गिरफ्तारी के वक्त उसके नाम पर पंजीकृत एक कार से एक रूसी असॉल्ट राइफल और कारतूस बरामद मिला है। इसका कार का प्रयोग कथित तौर पर डॉ मुजम्मिल अहमद गनई ने किया था, जिसकी भी आतंकी संबंधों के लिए जांच चल रही है। डॉ मुजम्मिल अहमद गनई को हरियाणा के फरीदाबाद से पकड़ा गया और बाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
डॉ. शाहीन दो-तीन वर्ष से डॉ मुजम्मिल अहमद गनई के साथ रह रही थी। जीएसवीएम छोड़ने के बाद शाहीन हा-रियाना में अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ी और यहीं उसकी मुलाकात मुजम्मिल से हुई, जो अब आतंकी नेटवर्क की जांच में एक मुख्य संदिग्ध है। एटीएस की जांच में सामने आया है कि डॉ. शाहीन को भारत में जैश-ए-मोहम्मद के महिला संगठन जमात-उल-मोमिनीन की कमान सौंपने का जिम्मा दिया गया था। लखनऊ में जिस डॉक्टर परवेज के घर छापा मारा गया, वो दरअसल डॉ शाहीन का घर है। डॉ. परवेज और डॉ. शाहीन भाई-बहन हैं।
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