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शर्ट से फंदा लगाकर आत्महत्या: जेल में लूट के आरोपित की लाश देखकर मची खलबली, 3 दिन पहले हुई थी याचिका खारिज

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सांकेतिक तस्वीर।



जागरण संवाददाता, मैनपुरी। लूट व चोरी के मामले में निरुद्ध लूट के आरोपित ने बुधवार दोपहर जेल की पाकशाला के निकट शर्ट से फंदा लगा लिया। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहां जांच के बाद डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। जेल पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाकर मृतक के स्वजन को जानकारी दी है। मृतक की बहन ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें


कुर्रा पुलिस ने 10 अक्टूबर को भेजा था जेल



कुर्रा थाना क्षेत्र के गांव पड़री निवासी 25 वर्षीय रामजीवन उर्फ विकास और उसके भाई मुन्नू को कुर्रा पुलिस ने लूट के मामले में गिरफ्तार 10 अक्टूबर को जेल भेजा था। तीन दिन पूर्व उसकी जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी थी। बुधवार दोपहर ढाई बजे के करीब रामजीवन पाकशाला के निकट पहुंचा। यहां उसने बैरक के बाहर लगी सरिया में अपनी ही शर्ट से फंदा लगा लिया।

फंदे पर उसे लटका देख जेल प्रशासन में सनसनी फैल गई। फंदे से उतारकर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि जमानत याचिका खारिज होने के बाद से ही आरोपित परेशान चल रहा था। मोर्चरी पहुंचे स्वजन ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं।


तीन दिन पूर्व जमानत याचिका हुई थी खारिज




मृतका की बहन रोशनी का कहना है कि तीन-चार अक्टूबर की रात पुलिस बेवजह उनके भाई धर्मेंद्र को पकड़कर थाने ले गई थी। थाने में उससे भाई को छोड़ने के लिए सिपाही ने 20 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद शांतिभंग में चालान कर दिया। इसके बाद छह अक्टूबर को दारोगा रामसजीवन और मुन्नू को थाने ले गया। तीन दिन अवैध हिरासत में रखने के बाद दोनों को लूट के मामले में जेल भेज दिया। रोशनी का आरोप है कि जेल में उसके भाई की हत्या कर फंदे पर लटकाया गया है।

जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने बताया कि जमानत याचिका खारिज होने के कारण रामसजीवन मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। उसने शर्ट से फंदा लगाया था। जानकारी मिलते ही उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां मौत हो गई। मामले की जांच की जा रही है।
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