अब नहीं भटकेंगे मरीज, मुजफ्फरपुर में गंभीर रोगियों के लिए भी सरकार की नई सुविधा
/file/upload/2025/11/6355661206860448244.webpMuzaffarpur News : माडल अस्पताल में हड्डी ओटी का निरीक्षण करते अधीक्षक l जागरण
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । माडल अस्पताल में हड्डी विभाग का आपरेशन थिएटर तैयार हो गया है। सोमवार को इसमें लगे उपकरणों का ट्रायल किया गया। जनरल ओटी में तैनात ओटी सहायक, एएनएम और जीएनएम के साथ मशीनों का परीक्षण हुआ। अब चिकित्सकों की मौजूदगी में अंतिम ट्रायल किया जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
सदर अस्पताल के अधीक्षक डा. बीएस झा ने ओटी का निरीक्षण किया और वहां तैनात इंचार्ज से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मशीनों के संचालन में सभी कर्मियों को दक्ष होना आवश्यक है।
अधीक्षक ने बताया कि अब तक हड्डी विभाग की ओपीडी चल रही थी, लेकिन अलग से ओटी की सुविधा नहीं थी। इमरजेंसी ओटी में ही हड्डी रोगियों का आपरेशन किया जा रहा था। अब अलग ओटी शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अस्पताल में मरीजों के लिए जांच, इलाज, भोजन और रहने की सभी सुविधाएं मुफ्त हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा। मरीजों को केवल दो रुपये की पर्ची कटना है।
नए ओटी से बढ़ेगी इलाज की सुविधा
हड्डी से संबंधित जटिल बीमारियों का आपरेशन अब इसी ओटी में किया जाएगा। इससे मुफ्त और बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी तथा बाहरी अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित यह ओटी इलाज की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएगा। इलाज के लिए यहां विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं।
सदर अस्पताल में अब पांच ओटी की सुविधा
सदर अस्पताल परिसर में हड्डी ओटी शुरू होने के बाद अब पांच तरह के आपरेशन थिएटर की सुविधा उपलब्ध होगी। अधीक्षक डा. झा ने बताया कि जिला अस्पताल में पांच अलग-अलग ओटी की व्यवस्था आवश्यक है।
अब तक यहां चार ओटी आईओटी, मातृ-शिशु अस्पताल ओटी, जनरल ओटी और इमरजेंसी ओटी संचालित हो रहे थे। हड्डी ओटी जुड़ने से मरीजों को और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। चिकित्सकों के साथ ट्रायल पूरा होने के बाद यहां नियमित रूप से आपरेशन शुरू हो जाएंगे।
नई मशीन से सर्जरी होगी और अधिक सटीक
माडल अस्पताल के आपरेशन थिएटर में नई सीआर्म मशीन लगने से हड्डी रोगों के इलाज में बड़ी सुविधा मिलेगी। वरीय हड्डी रोग विशेषज्ञ डा.ज्ञानेन्दु शेखर ने बताया यह मशीन सर्जरी के दौरान वास्तविक समय (रियल टाइम) में एक्स-रे इमेजिंग देती है।
इससे चिकित्सक को फ्रैक्चर की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखती है और राड या प्लेट को सही स्थान पर लगाने में आसानी होती है। सर्जरी न केवल अधिक सटीक व कम समय में पूरी की जा सकेगी।
मरीज को कम दर्द व जल्दी राहत मिलेगी। बच्चों व बुजुर्गों की नाजुक हड्डियों के फ्रैक्चर में यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि यह कम आक्रामक तरीका प्रदान करती है।
कमर न कूल्हे की हड्डी जैसी जटिल चोटों के मामलों में यह मशीन अत्यंत प्रभावी साबित होगी। इसके उपयोग से अस्पताल की सर्जिकल सेवाएं और सशक्त होंगी तथा मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी।
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