जालौन में पराली जलाने वालों पर कार्रवाई, 20 किसानों पर 85 हजार रुपये का जुर्माना लगा
/file/upload/2025/11/2369425891546223012.webpजागरण संवाददाता, उरई। पराली जलाने की घटनाओं को लेकर उप कृषि निदेशक ने रविवार कोंच क्षेत्र के गांवों में दल-बल के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान 20 किसानों पर पराली जलाने को लेकर 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। उन्होंने किसानों से कहा कि पराली जलाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है, इसलिए ऐसा न करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
जनपद में खरीफ सत्र में बोई गयी धान एवं अन्य फसलों की कटाई के फलस्वरूप पराली जलाए जाने की जाने की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से उप कृषि निदेशक एसके उत्तम ने तहसीलदार कोंच व अन्य अधिकारियों के साथ कोंच क्षेत्र के गेंदोली, इटौरा, चमरौआ, दाढ़ी, सलैया खुर्द, हिंगुटा और खुटैला में छापेमारी की।
इस दौरान कुछ किसानों के खेत में पराली जलती हुई पाई गई और कुछ खेतों में अवशेष मिले। जिस पर किसानों पर जुर्माना लगाया गया है। इनमें गेंदोली निवासी दीपक, शंकर सिंह और इटौरा निवासी हनुमंत सिंह पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। ग्राम चमरौआ निवासी राजबहादुर, अरविंद कुमार, प्रदीप कुमार, नीना बेटी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
ग्राम दाढ़ी निवासी प्रेम सिंह, भगत सिंह पर पांच हजार, अरुण कुमार, उर्मिला देवी, रामदास पर 10 हजार रुपये, कमलेश कुमार, कामता प्रसाद, घनश्याम, देवेंद्र कुमार पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। ग्राम सलैया खुर्द निवासी नन्हें सिंह, हिंगुटा निवासी प्रद्युम्न सिंह, खुटैला निवासी रामसेवक और रामस्वरूप पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
उप निदेशक एसके उत्तम ने किसानों को पराली जलाए जाने से होने वाले नुकसान के बारे में समझाया एवं जानकारी दी सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के निर्देशों के क्रम में फसल अवशेष जलाना प्रतिबंधित है।
ऐसा करने पर कृषकों पर पर्यावरणीय प्रतिकर अधिरोपित कर जुर्माना लगाया जाएगा इसलिए किसी भी दशा में फसल अवशेष न जलाएं। फसल कटाई के दौरान प्रयोग की जाने वाली कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्र का उपयोग करें।
कितना लगता जुर्माना
फसल अवशेष जलाए जाने पर जुर्माना कृषि भूमि के अनुसार तय किया गया है। उप कृषि निदेशक ने बताया कि दो एकड़ तक प्रति घटना के लिए पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। दो एकड़ से पांच एकड़ तक प्रति घटना के लिए 10 हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषक पर प्रति घटना के लिए 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है।
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